सुप्रभात, हरि ॐ
आप सभी को 79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं अभिनंदन🇮🇳🙏🏻
आज का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, यह वो दिन है जब हमारा भारत गुलामी की जंजीरों से आज़ाद हुआ था।
15 अगस्त 1947… सुबह का वो सुनेहरा पल जब आसमान में पहली बार आज़ादी का तिरंगा लहराया गया।
लेकिन दोस्तों… यह आज़ादी हमें यूं ही नहीं मिली, इसके लिए अनगिनत वीरों ने अपनी जान कुर्बान की
सोचिए...
भगत सिंह ने 23 साल की उम्र में हंसते-हंसते फांसी को फंदा चूम लिया।
"चंद्रशेखर आज़ाद ने यह प्रण लिया" "__दुश्मन के हाथ कभी नहीं आऊंगा और आखिरी गोली खुद को मार ली।
"सुभाष चंद्र बोस ने कहा"___तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आजादी दूंगा
"महात्मा गांधी ने बिना हथियार, सिर्फ सत्य और अहिंसा से अंग्रेजों को झुकने पर मजबूर कर दिया"
ये सिर्फ इतिहास की बातें ही नहीं हैं… ये वो बलिदान हैं जिनकी वजह से आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
सोचिए दोस्तों... अगर वो कुर्बानियां न होतीं, तो आज शायद हम सब भी गुलामी में जी रहे होते।
लेकिन दोस्तों, आज़ादी का असली मतलब सिर्फ आज़ाद होना ही नहीं है… आज़ादी का मतलब है— अपनी जिम्मेदारी को निभाना।
आज हमारा कर्तव्य है कि हम जिम्मेदार नागरिक बनें, अपने देश को मजबूत और सुरक्षित रखें, शिक्षा और मेहनत के साथ देश को तरक्की की ऊँचाइयों तक ले जाएं।
तो चलिए… अब मैं कुछ पंक्तियां सुनाना चाहूंगी जो हमारे देश प्रेम की भावना को और गहरा कर देंगी—
“न सर झुका है कभी, और न झुकने देंगे,
जो अपने देश के लिए जिए हैं, उन्हें कभी मुरझाने नहीं देंगे,
तिरंगे की शान में जान भी कुर्बान कर देंगे,
भारत मां के मान को कभी मिटने नहीं देंगे।”
“वो मिट्टी भी बड़ी प्यारी है जिसमें तिरंगा लिपटा हो,
वो चिता भी बड़ी न्यारी है जिसमें वीरों का बलिदान सिमटा हो।”
हम खुशकिस्मत हैं कि हम हिंदुस्तानी हैं,
जहां हर दिल में वतन का सपना बसता हो "
तो आइए… 15 अगस्त के इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें—
“हम भारत की एकता, अखंडता और तिरंगे के शान की रक्षा करेंगे… और अपने देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करेंगे।”
जय हिंद… जय भारत🇮🇳🙏🏻